Google(गूगल ) Success Story- in हिंदी

गूगल
गूगल success story

 

दोस्तों आईये आज जानते है इंटरनेट की दुनिया पर राज करने वाले गूगल Google के co -founder लैरी पेज के बारे में ,जिन्होंने अपने दोस्त सर्गी ब्रिन के साथ मिलकर गूगल (Google) जैसा सर्च इंजिन बनाया. गूगल आज के समय में सबसे बड़ी और सफल कंपनी में से एक है|

और ये इतना पॉपुलर है की आज के समय में हमें कुछ भी जानना होता है, तो हम तुरंत गूगल का सहारा लेते है|तो आईये जानते है गूगल और लैरी पेज की सफलता की कहानी. लैरी पेज का जन्‍म 23 मार्च 1973 को अमेरिका के मिशिगन में हुआ था .

उनके पिता का नाम कार्ल विक्टर और माँ का नाम ग्लोरिया था | और वे दोनों ही वही के स्टेट यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर थे।

लैरी बताते है की उनके घर में आम तौर पर कंप्यूटर साइंस से सम्बंधित मैगजींस और गैजेट्स बिखरे हुए रहते थे .इसी इन्वोर्मेंट में पले बढे होने की वजह से लैरी को बचपन से ही कंप्यूटर में काफी रूचि हो गयी .उन्होंने बहुत छोटी उम्र से ही चीजो को खोलकर समझना शुरू कर दिया | वे जानना चाहते थे की आखिर कोई चीज काम कैसी करती है |

Larry Page (लैरी पेज) ने एक इंटरव्यू में कहा था की मुझे बहुत कम उम्र में ये महसूस होने लगा था की मैं चीजों का आविष्कार करना चाहता हूं.और मई जब 12 साल का हुवा तो मैंने निश्चय किया कि मई एक बिजनेसमैन बनूँगा,जिसके बाद मेरा इंट्रेस्ट बिज़नेस सीखने मै होने लगा

लैरी पेज की शुरुआती पढ़ाई ओकेमोस मॉन्टेसरी स्कूल से हुआ। इसके बाद उन्होंने 1979 में ईस्ट लैन्सिंग हाई स्कूल से अपनी ग्रेजुएशन पूरी की। और फिर आगे चल कर वे स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन कम्प्लीट करने के बाद, वही से पीएचडी करने लगे | जहाँ उनकी मुलाक़ात हुई मौजूदा समय में गूगल के को फाउन्डर सर्गी ब्रिन से।

पीएचडी में दोनों ने अपना रिसर्च टोपिक वल्र्ड वाइड वेब (World Wide Web) को चुना | और फिर वे ऐसे एल्गोरिदम (algorithm) की खोज में लग गए जिससे सभी वेबसाइट को एक साथ लिंक किया जा सके, और उनके पोपुलार्टी के आधार पर उनके पेजस (pages) को रैंकिंग दी जा सके | जैसा की अभी आप करेंट टाइम में गूगल को देख सकते है .अगले चार सालों तक दिन रात एक कर उन्होंने जबरजस्त रिसर्च की और आखिरकार सितम्बर 1996 में वे ऐसे अल्गोरिदम को खोजने में सफल हो गए |

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दोस्तों गूगल का नाम गडित के शब्द गोगोल / Googol से लिया गया है।जिसका मतलब होता है एक अंक के आगे सौ शून्य | और हां पहली बार जिस गूगल को लोंच किया गया था वह स्टैंड फोर्ड यूनिवर्सिटी के वेबसाइट पर अभी भी उपलब्ध है .

आगे चल कर अपने परिवार, दोस्तो और इन्वेस्टर्स से दस लाख डालर का कर्ज लेकर लैरी और ब्रिन ने 1998 में गुगल Inc कंपनी की स्थापना की और अपने यूनिक कांसेप्ट और अल्गोरिद्म की वजह से गुगल बहुत ही जल्द ही दुनिया का सबसे लोक्रप्रिय संर्च इंजन बन गया।

बस यहाँ से लैरी और उनके साथी ब्रिन ने भी कभी भी पीछे मुड कर नहीं देखा | अगले कुछ सालों के बाद 2004 में गुगल का आईपीओ शेयर मार्केट में उतारा गया।

जहाँ पर लोगों से जमकर इन्वेस्ट किया और इस तरह से धीरे धीरे गूगल, इंटरनेट की दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बन गयी | और गूगल को बनाने वाले लैरी पेज और सर्गी ब्रिन सबसे यंगेस्ट बिलिनियर बन गए |

14 नबंवर 2006 को गूगल ने इस समय के सबसे लोकप्रिय और सबसे बडी विडियो लाइब्रेरी जिस पर आप यह विडियो देख रहे है यूट्यू्ब का अधिग्रहण कर लिया |

इसके अलावा 30 अप्रैल, 2009 को गूगल द्वारा ही पहला एंड्रॉयड ऑपेरटिंग सिस्‍टम लांच किया गया, जो इस समय दुनियां भर के अरबो खरबों मोबाइल फोनस पर छाया हुआ है .गूगल सर्च इंजन और यूट्यू्ब के अलावा भी जी-मेल, गूगल ट्रान्‍सलेट, गूगल प्लस, गूगल क्रोम और गूगल मैप जैसे 50 से भी जयादा प्रोडक्ट्स गूगल के उपलब्ध है |

गुगल का हेड ऑफिस केलिफोर्निया की सिलीकान वैली में है, और अगर इस समय में पुरे दुनिया के सबसे धनि लोगों की बात करें तो लैरी पेज 12 वे नंबर पर आते है |

अगर उनके पर्सनल लाइफ देखा जाए तो 8 दिसम्बर 2007 को उन्होंने एक्ट्रेस कैरी साउथवर्थ की बहन लुसिंडा साउथवर्थ के साथ शादी की। लुसिंडा साउथवर्थ एक रिसर्च साइंटिस्ट है | और लुसिंडा से लैरी को दो बच्चे भी है |दोस्तों, लैरी पेज और सर्गी ब्रिन के दिन-रात की मेहनत का ही फल है कि कि आज हम जब इंटरनेट कि बात करते है ,तो दिमाग मै गूगल कि ही इमेज आता है|

इंटरनेट के क्षेत्र में उनके योगदानो को कभी भी नहीं भुलाया जा सकता है |

और इस समय गूगल (Google ) के सीईओ भारत के सुन्दर पिचाई है |

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